चरित्रहीन मर्द या औरत

मिनाक्षी मिश्रा -एहसासनामा

चरित्रहीन मर्द या औरत
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सारांश

"माँ मैं खेलने जाऊँ ? " उस महीन जालीदार टाट के एक कोने से झांकते हुए उसने पूछा । " नही सुनयना" दो टूक जवाब देकर वो फिर से मसरूफ़ हो गयी अपनी होठों की रंगत को चटक करने में । आँखों में आज भी सुरमा ...
Bhawana Khare
😘😘👍👍👌👌
मीरा परिहार
बहुत अच्छी तरह बुनी है आपने सकारातमक कहानी,प्रेरणादायक
Sangeeta Shukla
bahut bahut achi story hai 🙏
Dr. Deepa agrawal
bht bht acchi kahani....
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