चरित्रहीन मर्द या औरत

मिनाक्षी मिश्रा -एहसासनामा

चरित्रहीन मर्द या औरत
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सारांश

"माँ मैं खेलने जाऊँ ? " उस महीन जालीदार टाट के एक कोने से झांकते हुए उसने पूछा । " नही सुनयना" दो टूक जवाब देकर वो फिर से मसरूफ़ हो गयी अपनी होठों की रंगत को चटक करने में । आँखों में आज भी सुरमा ...
Lucky Kashyap
mardo or samaj ki sachai ujagar karti ek khani
Kanta Asopa
chritraheen aurat ko halat banate hai kabhi maa ki majburi kabhi pati ka illaj kabi dhej ki majboori ye halat hi hai jo aurat ko pavitra nahi rahne dete aur purush khud ka fayda dekhta hai khani mai ak beti ko uski maa bachati hai3
Mamta Pattanaik
awesome👍👍👍👍👍👍👍
Anupam Shukla
बहुत ही अच्छी कहानी है।
Sushiela Jarodia
बहुत अच्छे, अगर सभी इसी तरह हिम्मत के साथ जवाब दे सके तो बहुत सी लड़कियां इस दलदल में जाने से बच सकती हैंl इसको इस दलदल में फंसाने वाला भी तो एक मर्द ही तो थाl सारे फसाद ही जड़ आदमी ही है और बदनाम औरतों को किया जाता हैl
Yashvant Singh
gla Kat khoon pi Lena chahiye apne sale dus itm fsate to thik aur dusra dhoke s chla jae to smaj k thikadar bnte h sale
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