चतुराई धरी रह गई.

ओमप्रकाश क्षत्रिय

चतुराई धरी रह गई.
(20)
पाठक संख्या − 2067
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सारांश

चतुरसिंह और कोमलसिंह की चतुराई की कहानी.जब एक भाई दूसरे भाई को ठगने की सोचता है. मगर, जब पहला भाई दूसरे की सहायता करना चाहता हो और दूसरा, पहले को ठगना. तब क्या होता है ? जानिए, इस कहानी में.
Rajesh Sehgal
अच्छा लगा
ओमप्रकाश क्षत्रिय
समस्त सम्मानीय पाठकजी आप का शुक्रिया. आप की प्रतिक्रिया मेरी अमूल्य धरोहर है. कृपया प्रतिक्रिया से जरुर अवगत कराएं.
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Jyoti Mev D
Ha ha ha ha ha ha ha ha....
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Jitendra Pahadwa
jiski jesi soch
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राहुल द्विवेदी
सुन्दर कथ्य से सजी प्रेरणाप्रद कहानी
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राहुल  सिंह
अच्छी कहानी
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