चंद्रनगर सीरीज भाग-1

सनी शर्मा

चंद्रनगर सीरीज भाग-1
(178)
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सारांश

पिताजी ने अब तक ये संभाल कर रखा इतना ही लगाव था तो इतने बरसो तक वहाँ से दूर क्यो रहे? क्यो मुह मोड़ लिया उस जगह से जहाँ उन्होंने जन्म लिया, जहाँ की मिट्टी में खेले कूदे, बड़े हुए। पर मैं इससे मुह नही मोड़ सकता। बात जमीन या दौलत की नही है बस बात है इज्जत की । और ये मुझे हर कीमत पर चाहिए। इन्हीं सवालों की तलाश अमित को ले आती है----चंद्रनगर।
Manoj Kumar
MST
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bTu Michael
यह मुझे अच्छा लगा मेने इसे share भी किया है
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Yadav Mita
bahutt....bhayanak...
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Pratik Bhujel
bahut achchha
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Rajan Kumar
good job.
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anjali
anjali
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Sachin Kumar
wah kya kahani hai very nice
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SUDHIR NRIPAT CHAUHAN
gazab
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Seema Mishra
all parts are too gud....very interesting story...
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Hareram Shukla
glorious
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