घर बेघर

सूरज प्रकाश

घर बेघर
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सारांश

लंदन से महेश आया हुआ है। यारी रोड का अपना मकान खाली कराने के लिए। दो बरस पहले जब वह हमेशा के लिए लंदन बसने के इरादे से बंबई से गया था वो एक भरोसेमंद एजेंट की मार्फत एक बरस के लिए अपना मकान एक मलयाली ...
Pramila Joshi
सभ्य मकान मालिक की कहानी।अति उतम
DrDiwakar Sharma
शठे शाठ्यं समाचरेत।बडे कांटे से ही छोटा कांटा निकालना पडत है।बदमाश को बड़ा बदमाश ही काबू मे ंले पाता है।गोपालन की काट राजू है महेश नहीं।शिक्षाप्रद अच्छी कहानी।
Sanjeev Kumar
कहानी मार्मिक है, इसमें गोपालयन की ही गलती है , किसी के साथ किए गए वादे को निभाना चाहिए, नहीं तो ऐसे अंजाम की ही आशा है
Madhur Khare
बेहद रोचक कहानी।प्रारम्भ से अंत तक एक बार में ही पढ़ गयी।गोपालन से सहानुभूति चाहते हुए भी नहीं कर पाई शायद इस लिए कि मेरा भी एक घर है।कहानी पढ़ कर मुझे भी डर लग गया।
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Sarita Sahni
हमारा भी मकान खाली कराने के लिए बहुत ही जद्दोजहद करनी पड़ी थी । स्टोरी पढ़ कर अपने दिन याद आ गये
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Pushplata Kushwaha
Good story based on practical experience
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