गुडिया

प्रकाश वीर शर्मा

गुडिया
(23)
पाठक संख्या − 5290
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सारांश

गुड़िया अपने मम्मी पापा की पहली संतान थी। बड़े नाजों से पाला था उसे। वो जिस चीज़ की जिद करती,तुरंत हाज़िर कर दी जाती थी। कभी भी किसी चीज़ की कमी या अभाव क्या होता है इससे गुड़िया का सरोकार न रहा। उसकी ...
Priya Maurya
Bahut sundar kahani h aur heart touching bhi
preeti mishra
हृदय स्पर्शी कहानी
HemDiva Dev
The twist was unexpected but true. Thought provoking story!
Vijay Singh
बहुत हृदय स्पर्शी कहानी।
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r h
कहानी अच्छी है पर गुड़िया को समझना होगा कि अगर कोई न पूछे तो अपनी इच्छाओं को खुद ही पूरा करना होगा। बड़ी न सही पर छोटी छोटी इच्छाएं ही पूरी कर ले
ankur kashyap
कहानी अच्छी है। अंत और रोचक हो सकता था।
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