गाँव को गवांर बोलने वालो तुम्हारी औकात

Sonika Shukla

गाँव को गवांर बोलने वालो तुम्हारी औकात
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सारांश

शहर में दो कमरे का मकान बनवाकर ,  तुम खूब इतराते हो कभी आओ गाँव तुम हमारे, हम तुम्हें तुम्हारी औकात दिखाते हैं। तुम्हारे मकान जितनी जगह में हम भैंस बंधवाते है।। तुम्हारे ...
Vijaykant Verma
बहुत ही खूबसूरत रचना लिखी है आपने..! वैसे भी गांव की बात ही कुछ और है..💐💐
राज कुँवर शुक्ला
हम सहमत हैं ,आपकी लेखनी से।
Shaline Gupta
खूब लिखती हैं आप👍👍👌👌💐💐😊😊
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Ritu Mishra
very true
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Sheetal Chauhan
nice
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Vinni Gharami
ekdm sach maa baap to pde likho ke hi vrdashram jaate h vrna anpd ki maa aj bhi uske sath h
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kumar shubhi
बहुत सच्ची बात कही है आपने
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Shauvindra Singh
बहुत-बहुत और बहुत अच्छा लिखा है भाई ऐसा ही है
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