गलतफहमी

आकाश गौरव

गलतफहमी
(359)
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सारांश

उसके कमर के लोच सिहरन पैदा करते थे , शायद उन्हें बिजलियों ने बनाया होगा।
Rasna Dogra
perfect ....n last words👍🏽coz she deserve it
Rajat Jaiswal
Fuck of bitch bolna sabse sahi laga uske dwara diye gye dukho ki avaz me shayad ye bhi kam tha
anuj sangwan
हमारी स्टोरी याद आ गयी । रात के इस वक़्त दोबारा उसकी फ़ोटो देखने का मन हैं
Soni Sonam sharma
ek bar Jo dhokha de wo bar bar dega ....ye kahani sach me achhi lgi
Mrityunjay Rai
love u bro... ye hui na baat...
Pawan Pandey
बेहतरीन रचना। कहानी में तेज प्रवाह है,जो पाठको को प्रारंभ से ही अपने साथ लेकर चलती है। दिल की गहराइयों से प्रेम करने वाला नायक मुसीबत में जीवन बचा कर उसे सुरक्षित जिंदगी की सौगात देता है। इसके बाद अपेक्षा, प्रेम जिस्म से था या ....... कहानी जीवंत , नायक के साथ पाठक का हृदय दुखी होकर अफसोस फिल करता है।
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