गर्ल इन द ट्रेन

कविता जयन्त श्रीवास्तव

गर्ल इन द ट्रेन
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manish soni
बहुत अच्छा किया ।
Rajesh kumar Choudhary
नई सोच.. संदेश परक
Dr Pratibha Saxena
सराहनीय व सुगठित कहानी
Arun Ariya
pata nahi hota ki kb khon insaan badal jaye par isliye insaan ka dil dekho uski khoobsurti nahi ok par ladkiya to ladkiya hoti hai pk thanks
Santosh Bastiya
शब्द नही है तारीफ के, बहुत बढ़िया। कृपया मेरी रचना 'अंधेरो के साये' जरूर पढ़ें ।और अपना मूल्यवान समीक्षा जरूर दें।
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