गबन

मुंशी प्रेमचंद

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सारांश

हिन्दी के सर्वोत्तम साहित्यकारों में से एक उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखा गया गबन भारतीय मध्यम वर्ग की परिस्थितियों, उसके लालच, और इन सबका उनके जीवन पर प्रभाव को बताने वाली कहानी है। महाशय दीनदयाल की पुत्री जालपा के बचपन से लेकर जवानी तक की कहानी के माध्यम से ये उपन्यास अनेक मोड़ों से गुजरता हुआ हमें सन १९३० के भारत में पहुंचा देता है।
NITISH Kumar
it's great. ... it's too good. ....
SHARAD YADAV
is par to movie banani chahiye.bitne mod haon is kahani main vishwas hi nahi hota. aor us samay munshi saheb ne aajndekh liya tha. ati sundar
Neeraj Kamdar
aaj tak ki Sabse aachhi noval he mere sabse pasandida writter
shaheer
My all fver writer premchand ji 👏👏
Ranjay Sinha
isme zindgi ki sachai hai
Navneet Tanenia
आज तक का पढ़ा हुआ सबसे अच्छा उपन्यास,मेरे जीवन को शायद एक नई दिशा दे ,आँसुओं के साथ श्रद्धांजलि मुंशी प्रेमचंद जी को शायद आकाशदीप होना इसी को कहते है.
Mamta Pant
bahut hi sunder chitran.sabhi stri kirdar sashakt the.
Samrat Singh Rathore Rathore
बहुत ही रोमांचक और दिल को छू लेने वाला उपन्यास.. मैं बहुत बहुत धन्यवाद देना चाहूंगा इस एप्पलीकेशन को ..जिसने ऐसी अनेको कहानियां औऱ उपन्यास हम तक पहुचाये..और रही बात मुंशी प्रेमचंद जी की , उनके लिए मैं जो भी लिखूं ,कम ही होगा..मेरा मानना है कि वो लेखक के रूप में ऐसे मार्गदर्शक हैं जिनकी बराबरी कोई लेखक, कहानीकार ,उपन्यासकार नही कर सकता ,हर कहानी या उपन्यास पढकर ऐसा प्रतीत होता है मानो सबकुछ हकीकत में आंखों के सामने हो रहा है..दंडवत प्रणाम करता हूँ मुन्शी जी को..धन्यवाद
Om Prakash
Hi Munshi prem Chand ji ki kaljai Rachna gabab Aapke ls prayas se eak Baar fir se padne Ko Mili.aapko aur Aapke sabhi sehyogiyon Ko sadhuwad.agar amaiksha likhney ka vikalp Hindi ka ho to jayda achcha rahega.
Ravi Paswan
bahut hi achha kahani hai
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