गबन

मुंशी प्रेमचंद

गबन
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सारांश

हिन्दी के सर्वोत्तम साहित्यकारों में से एक उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखा गया गबन भारतीय मध्यम वर्ग की परिस्थितियों, उसके लालच, और इन सबका उनके जीवन पर प्रभाव को बताने वाली कहानी है। महाशय दीनदयाल की पुत्री जालपा के बचपन से लेकर जवानी तक की कहानी के माध्यम से ये उपन्यास अनेक मोड़ों से गुजरता हुआ हमें सन १९३० के भारत में पहुंचा देता है।
utkarsh RANJAN
Kahani me prem ki uchai ko bahut hi umda tarike se likha gya h. Chahe wo rama ka apni patni ke prati ho ya jalpa ka pati prem ya johra ka. Sabka prem purn samrpit prem h
Tinku Agarwal
क्या लिखूं अब। सर्वश्रेष्ठ।
Ashutosh Tiwari
is kahani ko padh kar man badahi prasana huya
Tr Shyopat Dudi
बहुत खूब
Renu Khurana
bahut sunder anubhav
AMIT KAMAL
abhi pad rha hu but maza aa rhi hai
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