खौफ

मनीष वैद्य

खौफ
(45)
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सारांश

खेत की मेड पर सिंकते मक्का के अधपके दानों की सौंधी गंध उसने फिर एक बार महसूसी थी। ऐसा उसके साथ बीते दो–चार दिनों से लगातार हो रहा था। वह स्कूल में पढाई कर होता कि अनायास कहीं से सिंकते हुए भुट्टे के ...
Davinder Kumar
बाल मनोविज्ञान के पर आपका लेख काबिले तारीफ है
Indu Mishra
बहुत अच्छी कहानी 👌👌बाल मनोविज्ञान का बेहतरीन चित्रण।जितनी तारीफ की जाये, कम है।
Pradeep Sharma
bahut hi behtreen kahani
Vijay Kumar
बहुत ही मार्मिक और बेहतरीन लेखन. भावी शुभकामनाएं.
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