खौफ की रात

Raj Gautam

खौफ की रात
(3)
पाठक संख्या − 23
पढ़िए

सारांश

शाम का समय था। पेड़ो की छाया दैत्याकार रूप लिए जमीं पर पसरी हुई थी।गाँव से बाहर बरगद के पेड़ की लतायें ऐसी प्रतीत हो रही थी मानो उनसे अजगर लटक रहे हो। चारो तरफ ऐसी खामोशी पसरी हुई थी जैसे मनहूसियत ने ...
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.