खोल दो बंद दरवाजा

जयंती रंगनाथन

खोल दो बंद दरवाजा
(190)
पाठक संख्या − 8947
पढ़िए

सारांश

जबसे सामने पड़े खाली जमीन पर खुदाई का काम शुरू हुआ, मंदिरा का बड़बड़ाना कुछ ज्यादा ही बढ़ गया। बेडरूम की बॉलकनी घर का वह कोना हुआ करता था, जहां वह दिन का अधिकांश समय गुजारा करती थी। अब आलम ये कि ...
Uma Mishra
ye ek bahut hi achhi kahani hai or aasha bhari hai. haa aajkal jaha sabhi log subkuchh precticali hi sochte hai waha dil se sochne walo ke liye bahut dikkut hoti hai.
Raveendra Derhgawen
बहुत अच्छी कहानी। एक तो सकारात्मक दृष्टिकोण साथ ही यह संदेश कि हर समस्या के दो पहलू होते हैं और हर समस्या का हल है।
Vijaykant Verma
बहुत सुंदर कहानी💐💐
Geeta Khattri
Supreb story, jayanti ji, appreciating
Rajkumari Mansukhani
dr professional ho achha nahin hai per yahi ho raha hai true ho sake to solutions duniye prob ti sabko pata hai
Ambrish Tiwari
व्यस्तता और आधुनिक भाग दौड़ मे खो गई जिंदगी को जीने का समझौता वादी रास्ता ढूंढना जरूरी है। यह संदेश देने मे सफल प्रयास
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.