खूनी ढाबा

Roushan kumar

खूनी ढाबा
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सारांश

उस रोज बारिश बहुत जोरो से बरस रही थी, चारो तरफ घने अंधेरे छाय हुए थे । उसी अंधेरे में रमेश की कार इस घने अंधेरे को चीरता हुआ आगे बढ़ रहा था जिसे खुद रमेश ही चला रहा था और बगल वाली सीट पर उसकी पत्नी ...
R K SHARMA
जब समय नहीं था तो लिखा ही क्यों
Pooja Paraste
next part kb aanga sir....
Mahaveer B
jordar next part jaldi camlet kijiye.,.,.,.,.,.,.,.,.,.,.,.,next part ka intzar rahega
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