खूनी ढाबा ( भाग-2)

Roushan kumar

खूनी ढाबा ( भाग-2)
(31)
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सारांश

दरवाजे के तरफ मुड़ते ही अचानक रमेश को लगता है कि खिड़की के शीशे से दो अंगार बरश्ते लाल निगाहे उन पर अपनी नजर रखी हुई थी।
Namrata Naik
nasib unka kuch nahi hua
Urmila Kumari
nice story
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Babita Tanwar
not interesting
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Bhavna Chauhan
nice
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Kaushal Kumar
Puri drwna h dost
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Batul Raja
waiting for next part...
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Pooja Arora
horror story.waiting for next part
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