खिला है ज्यों बिजली का फूल

राकेश बिहारी

खिला है ज्यों बिजली का फूल
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सारांश

उस रात गुड नाईट का मैसेज भेजने से ठीक पहले उसने लिखा था- ‘तुम्हारे एस. एम. एस. से पोस्टकार्ड की-सी खूश्बू आती है.' उसका अपनापन जैसे मेरे पोर-पोर में नमक की तरह घुलने लगा... उसके गुनगुने-से गुड नाईट ...
Davinder Kumar
कहानी आखिर में भटक जाती है
Madhu Bala
sunder,kintu adhuri rachana,Apni wife ki samjhana jyada jaruri bad me dost ko..
ritu mongia
story ka end kaha h?? na koi msg na kuch.. apni biwi bhul ke dusre mei khoya hua.
Dev Tiwari
कहानी अंत मे बहुत निराश किया कुछ भी सिख नही देता ऐसा किरदार लक्ष्य से भटका हूवा
Rachna Chaudhary
friends for ever and ever
Krishna Mishra
बहुत अच्छा लगा आपकी कहानी पढ़कर, मैंने भी आप लोगों के लिए एक कविता लिखी है कृपया पढ़े, https://www.merilekhni.xyz/81&उतर_रहा_है_सूर्य_क्षितिज_से
Zeniya Ali
bakwas kese koi apni wife ko avoid karke dusri aorat k dukh bat rha h kya wo itne pyar se apni wife ko samajh or samjha nhi sakta very dispointed story🙁
Parul Yadav
बेहतरीन रचना
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