खाली-खाली

नीतू सिंह 'रेणुका'

खाली-खाली
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सारांश

[यह कहानी केवल वयस्कों के लिए है] [This Story is only for adults] कमला ने बेसन भरे हाथों से बचाते हुए दरवाज़े की कुंडी खोली तो दरवाज़े पर अपर्णा खड़ी थी। “नमस्ते भाभी।” “अरे आओ-आओ अपर्णा। बहुत सही समय ...
Poonam Kumari
bahut hi achhi kahani hai..... kahani ke madhyam se ek bahut badi shiksha milti hai ki kaise sharir ki chhoti chhoti samasya ko v ignore nahi karna chahiye... sath hi cancer jaisi samasya me parivar ka sath kitana important hai iska bahut khoobsurat paksh dikhaya...
prabha malhotra
बहुत अच्छी संवेदना से भरी कहानी, वयस्कों के लिए हटा दीजिए, बहुत सहजता से लिखी कहानी।
Purushottam Bansal
बहुत ही शानदार
राजबीर परमार *राज*
कहानी शिक्षाप्रद है । पारिवारिक रिश्तों का भी बहुत अच्छा उदाहरण है
Davinder Kumar
मुश्किल समय में परिवार का संबंध और उत्पन्न समस्याओं से जूझने का जज्बा उकेरा गया है
Meenu Manchanda
awareness and support system gives strength to every human being . this is not a adult story even teenager have this kind of information
fk bhati
bahut achi lagi kahani, jab apno ka sath ho to duniya ki badi se badi mushkil se ladne ki himat bhi aa jati h
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