खामोश सफर

अर्जित पाण्डेय

खामोश सफर
(27)
पाठक संख्या − 6295
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सारांश

अलार्म की आवाज सुनकर मेरी नींद खुल गयी ,अंगडाई लेते हुए मै उठ कर बैठ गया, आलस्य के सागर में डूबे अपने दोनों हाथो से किसी तरह मोबाईल उठाकर अलार्म बंद किया , समय देखा तो सुबह के साढ़े तीन बज रहे थे ,मन ...
Tara Gupta
मनोभाव को व्यक्त करती सुंदर अभिव्यक्ति।
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सौम्या
Sir ji.. Maan gye Aapko.. or Aapke chup Rehne Ke andaaj ko.. or Waise bhi khamoshi to apne Aap mein hi.. Ek Ehsaan hai.. Jise wo samjh bhi gyin.. thi.. to huaa naa.. ye Ek khaas safar.. 😇 kabhi n bhoolne wala..
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K N Tripathi
असमंजस की स्थिति में ऐसा होता ही है अगर सामने लड़की हो । सफर तो कट ही गया।खामोश सफर का मजा अलग ही होगा ।
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Mahima Srivastava
yaha to ek bar hi hai..hmne to 3-3 mauke chor diye same prsn ke saath hi ...vo bhi is story ke ldke jaisa hi tha🙄🙄
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Vaishnavi Kanwar
Nice hai
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Ashish Kala
मतलब आपके साथ कतई धांसू वाली klpd हो गई
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Harshi 😍
आपके लिखने की कला उम्दा है...
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uttama dwivedi
उम्दा जनाब 👍 आगे से ऐसा अवसर मत गवांइयेगा 🤗🤗
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Tejshvi Dagur
nice story
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