कफ़न

मुंशी प्रेमचंद

कफ़न
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सारांश

झोपड़े के द्वार पर बाप और बेटा दोनों एक बुझे हुए अलाव के सामने चुपचाप बैठे हुए हैं और अन्दर बेटे की जवान बीबी बुधिया प्रसव-वेदना में पछाड़ खा रही थी। रह-रहकर उसके मुँह से ऐसी दिल हिला देने वाली आवाज़ ...
Shiv Sachdeva
uss Samay ki vastvik stathi Ka kya sundar chitran kiya h premchand g ne apni iss rachna me unke koshal ko shat shat naman
kumar prince
खूबसूरत लेखन
tanuja
garibi ki maryada ka hanan h
Maya Pandey
aisi lekhni aapki hi ho skti hai.
प्रतिभा राय
it is a famous story big painfull no word ?
Tara Tripathi
इतनी सामर्थ्य अभी किसी के अंदर पैदा ही नही हुई इनकी कहानियों को रेट दे सके
Priyanka Raikwar
munshi ji ki kahani ki sameeksha karu meri itni aukaat nahi
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