क्या वो प्यार था .......

उपासना सियाग

क्या वो प्यार था .......
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सारांश

एक बार उसने खुद ही कहा था कि" हम औरतों के दिल में कई चेम्बर होते है एक में उसकी गृहस्थी और एक में उसका मायका ,सखियाँ होती है और जो दिल का जो तिकोना हिस्सा होता है न ,उसमे उसकी अपनी कुछ छुपी हुई यादें होती है जिनको वो कभी फुरसत में निकाल कर देख कर धो -पोंछ कर वापस रख देती है !" मैंने सोचा जो लड़की प्यार को सिर्फ केमिकल -रिएक्शन मानती थी और दिल को खून सप्लाई का साधन, उसने दिल कि ऐसी व्याख्या कर दी और कहती है उसे पराग से प्यार नहीं है !
Rekha Sharma
Bhut bdiya g 👌 Dil Ko chu gyi mam g👌👍👏
vivek vishwakarma
once more.. it's a superb story again I wanna read like this
Rashmi
bahut payari kahani
एकता शुक्ला
बेहद अच्छी, मन लुभाने वाली।कहानी का सबसे मधुर हिस्सा आपके द्वारा लिखी गयी दिल की व्याख्या है।
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