क्या ये ख्वाब पूरा होगा (5th Part)

जयप्रकाश पवार

क्या ये ख्वाब पूरा होगा (5th Part)
(88)
पाठक संख्या − 4063
पढ़िए

सारांश

"बड़ी अजीब बात हैं ! दरवाजा खोलते तक दरवाजा पीट रहा था और दरवाजा खोलते ही गायब हो गया।" कुछ पलों तक सब तरफ नजरें दौड़ाकर निराश होने के बाद मीरा हाँफते हुए उसके पास पहुँची सुनयना से हैरान-परेशान स्वर में बोली।
संतोष नायक
कहानी अच्छी लग रही है।
अविका त्यागी
क्या समस्या है ये तो अब निर्मोही बाबा ही बता सकते है वेसे बिल्कुल अपने नाम जैसे ही है निर्मोही 😅बाकी तो इनसे मिलने के बाद ही पता चलेगा अब।
Arti Sharma
story bahut achchi hai next part ka wait rhega
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.