क्या यही प्यार है

Yogita Garg

क्या यही प्यार है
(24)
पाठक संख्या − 1006
पढ़िए

सारांश

आजकल के कंफ्यूज युवा
शशि कुशवाहा
very emotional
रिप्लाय
Rajan Mishra
अद्भुत लेखन शैली है आपकी रचना में
रिप्लाय
Jagdish Thakor
shamita galat thi...
रिप्लाय
Sunil Saini
osm g
रिप्लाय
Anuradha Pachwariya
agar ghtna sachhi he to apni inagination se end likho
रिप्लाय
राम किशन
कहानी की नायिका कंफ़्यूज़ कम डरपोक ज़्यादा है। दब्बूपन उसकी परवरिश का हिस्सा है। आपकी कहानी के अंत में आपने विकल्प दिए हैं यदि आप देखें तो चारों अंत हैं हमारे समाज में भिन्न-भिन्न लोगों के जीवन में। सवाल यह है कि आप क्या अंत चाहतीं हैं अपनी रचना का. मेरी कहानी "मौन की परिभाषा" की नायिका पर कन्फ्यूजन ज़्यादा हावी थी।
रिप्लाय
हेमन्त
end aapko hi create krna chahiye apni imagination se
रिप्लाय
ललित कुमार
😄👌👌👌
रिप्लाय
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.