क्या तुम मृत्यु हो?

अचलेश सिंह

क्या तुम मृत्यु हो?
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सारांश

मृत्यु से परे क्या है?
रुबी सिन्हा
मुझे बहुत कम कहानी पसंद आती हैं । लेकिन यह कहानी मुझे बहुत अच्छी लगी !
शालिनी तिवारी
अद्भुत रचना ,जीवन और मृत्यु का ऐसा वार्तालाप प्रशंसनीय है।शुभकामनाये।
Omprakash Khadiya
सच में सोच का कोई दायरा नही होता, दायरों के परे एक सोच और शब्दों में ढाल पाने का सफल प्रयास। लेखक साधुवाद के पात्र हे।
Shalini Arora
bhut achi story h dr bi lg rha tha or mja bi aa rha tha
Rajwanti Kumar
Actually I want to give 5 stars to this story.Its really a nice
pooja
veryyyyyyy nice.......👌ekdum tip top 😊I like it. par muje dar hi nhi laga 🙁par story bhut mst h 😊
Nahid Khan
ye kahani meri favorite kahaniyo me se ek h
Tanuj Kumar Pant
बेहतरीन। मनुष्य और मृत्युदूत के बीच संवाद! इस संवाद में धीरे-धीरे भयमुक्त हो जाना बहुत सुंदर दर्शाया गया है। संभवत: यह संदेश भी है कि मृत्यु के संकेत होते हैं परंतु हम उन्हें समझ नहीं पाते।
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