कौन ज्यादा बड़ा?

पिया सिंह

कौन ज्यादा बड़ा?
(17)
पाठक संख्या − 1698
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सारांश

बहुत साधारण सी दिखने वाली चीजों में अक्सर गहराई बहुत होती है। उन गहराईओं में जाना मुश्किल होता है, उसके लिए वक़्त निकलना मुश्किल होता है। पर इंसान हैं हम ,हमारा धर्म है मुश्किलों को समझाना और हल करना। ऐसे ही सवालों के जबाब ढूढ़ने की एक छोटी कोशिश। रचना दिल तक पहुचे तो बताएं ,आपके सुझाव का तहे दिल से स्वागत है।
Gopesh Mohan Jaswal
अच्छी कहानी. पैसे का रिश्ता, खून के रिश्ते से ज़्यादा गाढ़ा होता है.
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Vijay Kumar Soni
बड़ा तो जीवन ही है, पर कदर नहीं होती जीते जी, परिदृश्य अच्छे बन पड़े हैं, सही विवेचना
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Pooja Singh
कड़वा है पर सच यही है, हमलोग सब लालची लोग हैं। रिश्तों से ज्यादा पैसे और रुतबे को महत्व देते हैं।
अंक मौर्या
वाह... अन्त बेहद ही मार्मिक और झकझोर कर रख देने वाला।।। किसी की दो पंक्तियां याद आ रही- तेरे ठोकर के बावजूद मैं गिर के खड़ा हो गया देख जिंदगी,आज मेरा कद तुझसे भी बड़ा हो गया ❤ आप बहुत बढ़िया लिखतीं हो।।
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Kumar Gupta
आपने सच कहा ...सायद मौत जिन्दगी से ज्यादा शक्तिशाली है ।
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Komal Gulwani
very nice kash log jinda logo se bhi insaniyat nibha paye
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Om Shankar
रिश्तों की बेकद्री भी हमारी ही उपज है , भोगना ही पड़ेगा ।
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amit
bahut khub, hamare samaj ki sacchai
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