कुछ अनकहे दर्द

sunita shrestha

कुछ अनकहे दर्द
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सारांश

दो शब्द उन प्रेम के ढोंगियों के लिए जो समाज में आज भी सर उठाकर चलते है एक मासूम की जिंदगी बरबाद करके जबरन प्रेम आलाप करते है इनकार करने पर एसिड जैसे तत्व उनपर डाल कर जिंदगी छीन लेते है ??
बलकार सिंह गोराया
काश ! बेटियां समझ पाएँ Valentine's Day के ढोंगियों को। भावावेश में न आएँ किसी दरिंदे के झांसे में। बहुत कुछ कह दिया आपने चन्द शब्दों में।
Pawan Pandey
बेहतरीन, वास्तविकता लिए हुए।
Shivraj Singh Rana
सुंदर शब्द
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Arivesh Kumar Rathor
wah
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