किराये का रावण

Dharm Pal Singh Rawat

किराये का रावण
(17)
पाठक संख्या − 627
पढ़िए

सारांश

कहानी ही समझो पर है सच्ची घटना। पैंतालिश साल पुरानी पहाड़ो के गांव की रामलीला की। उन दिनों बिजली नही हुआ करती थी। गैस(patromax) लालटैन व चिमनी ही उजाला होता था उन्ही को माध्यम बनाकर जो वास्तव में घटना के साक्षी थे आप तक कहानी पहुँचा रहा हूँ। ग्रामीण पृष्ठभूमि के पाठकों को कहानी पसंद आयेगी। अपनी प्रतिक्रिया देने के कष्ट करें।
Anjaan Koshish
Hahaha Majaa aa gayaa 😁😁😁😁👌👌
kumar gourav
अच्छी कल्पना से रची कथा। मगर मेरी अपेक्षा थोड़ी ज्यादा थी।
रिप्लाय
Hema Ray
भई वाह हँस हँस कर मजा आ गया। 500 रूपये मिलते ही रावण का मरना गजब कर गया
Ravi Soni
very very nice
रिप्लाय
sushma gupta
😃😃😃😃सही कहा, पूरी रामलीला में उतना आनंद नहीं आया जितना एक किराये के रावण की पांच सौ रूपये की हठ पर अड़े रहकर युद्ध करने में आया, राम जी भी थक गए। बहुत मजेदार, रोचक रचना 👌👌👌👌💐
Gautam Tanwar
Gautam tanwar
रिप्लाय
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.