कितने नादाँ थे हम !!!

वंदना गुप्ता

कितने नादाँ थे हम !!!
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सारांश

आज भी याद है वो शाम जब अचानक तुम उस मन्दिर में मुझसे टकराए थे और मेरी पूजा की थाली गिर गई थी । कितने शर्मिंदा हुए थे तुम और फिर एक नई पूजा की थाली लाकर मुझे दी थी। भगवान के आँगन में हमारी मुलाक़ात ...
Sidharth Singh
nice
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vandna choubey
दिल को छूने वाली कहानी।एक अहम न जाने कितने खूबसूरत रिश्तों को बर्बाद कर देता है।रिश्तों के लिए बढ़िया मैसेज
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Ramesh Chandra
shrest rachana .
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Suman Kumari
motivational story
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Love lesh Kshatri
sundar
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Geeta Geet
बहुत सुन्दर
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Dr Pratibha Saxena
प्रेरणादायक कथा
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Meena Bhatt.
पति-पत्नी कि आपसी प्रेम और अहम का सुंदर वर्णन।सधन्यवाद
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Vikram yadav
अच्छी कहानी है
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