कितने चेहरे

रजनी गुप्‍त

कितने चेहरे
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सारांश

रात भर अपने अंदरूनी शोरगुल से जूझती , थरथराती , कंपती लौ की तरह चंचल चित्‍त से अचानक आए धूप , धूल और धुएं से भरे तेज अंधड़ का मुकाबला करती खुली आंखों से रात काटती रही नेहा। यूं तो उसे कई अनाम किस्‍म ...
Thakur Singh
बहुत ही सुन्दर
Madhuri Jani
नौकरी करनेवाली महिलाओं की एक बड़ी समस्या है पुरुषो की सोच- तहत ही अच्छी कहानी👌👌
Uday Pratap Srivastava
समाज में ब्याप्त एक कड़वी सच्चाई
निजा
भाई साहब रोंगटे खड़े हो गए
रिप्लाय
रेणु मिश्रा
Kahani padhte hue ek pravaah me bahte chale jaate hain...badhiya kahani.  
Namrata Thakur
बेहतरीन कहानी, समाज का सच
Sanjay Maheshwari
samaj ko aaina dikhati ek kahani
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