काश

Arti Anand

काश
(34)
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सारांश

व्यस्त ज़िन्दगी में कभी 2 खामोशी भी सुन लेना जरूरी हो जाता . पर अफ़सोस कई बार हम ऐसा नहीं करके ज़िन्दगी भर एक काश का अफ़सोस झेलते ...
Shanu Ji
aisa lg ra hai ye main apne samne se dekh raha hu 👍 Keep it up
Neelesh Dhaker D&D's
बस,,खामोस हूँ।चित्त शांत।आँख भर आँई।
Neelam Singh
इस कहानी ने बहुत कुछ सोचने को मजबूर कर दिया
Dalchand
kahani padkar sochne par majboor hu...ki in jaise teacher me roop me koi insaan hota h ya havaan
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Seema Thakur
आज़ के समाज का विकृत और घिनौना सच है किन्तु पांच साल की बच्ची का आत्महत्या और सुसाइड नोट लिखना अतिशयोक्ति ही नहीं अपितु अविश्वसनीय है।
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ललित बदरेल
दुखद ,वेदनीय..
Santosh Vidyadhar Mishra
बहुत अच्छी कहानी
Nirmal Gupta
बलात्कार जैसी गम्भीर समस्या का यह एक बहुत बड़ा कारण है जो आपने बताया। बेटियों के मातापिता को बहुत सतर्क रहना चाहिए। परन्तु एक 5 साल की बच्ची ने आत्महत्या कर ली, यह बात कहानी को बहुत कमज़ोर कर गयी।
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