काल चक्र

प्रद्युम्न ✍️

काल चक्र
(9)
पाठक संख्या − 305
पढ़िए

सारांश

अतीत से वर्तमान तक: इतिहास की कहानी; कविता की जुबानी। आगे पढ़ें...
Pragya Bajpai
उत्तम, अतिउत्तम।
रिप्लाय
Priti Rao
Shandar.. same Us mudde ko aawaj Di h... Jiski aaj pure Manw jati ko jarurat h... Lekin mukhar gine chune log hi h... Ravi singh
रिप्लाय
SAKSHAT MISHRA
चित्त को व्यग्र करती पंक्तियाँ । सचमुच मन मस्तिष्क को चिंतन करने पर मजबूर करती है ।।
रिप्लाय
sushma gupta
मन मष्तिष्क में सचमुच एक प्रश्न चिन्ह लगातीं रचना, उत्तम व्यंग्य शैली, 👌👌👌👌💐
Aditi Tandon
सच कह रहे हैं आप 👌👌👌
मल्हार
👏👏👏👏👏👏🙏🙏🙏🙏💐💐💐
रिप्लाय
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.