कालेज के दिन

राहुल सिंह

कालेज के दिन
(33)
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सारांश

वैसे तो कालेज में ना जाने कितनें दोस्त थे,लेकिन कुछ दोस्त बड़े पक्के दोस्त थे सलीम ,और रजत के बिना ना तो कभी मेरा कालेज जाना हुआ और ना हीं कभी कैटींन में कुछ आकेले खाना,सलीम दूसरे शहर का रहनें वाला ...
Deepa Soni
super
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Tajendra Sachdev
good story about one sided love it seems,every friend is entangled in one way or the other! reminds of our own college days! very nostalgic!
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Alok Bisawari
बहुत अच्छी रचना की है
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Dinesh verma jatthap Jatthap
बहुत सुंदर
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Aditya Magare
very nice story...
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amit gupta
Very nice story
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Kishan Bumtariya
College each a great dream world no words for describe it awesome try to understand it
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