कामकंदला

अज्ञात

कामकंदला
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सारांश

एक दिन राजा विक्रमादित्य दरबार को सम्बोधित कर रहे थे तभी किसी ने सूचना दी कि एक ब्राह्मण उनसे मिलना चाहता है। विक्रमादित्य ने कहा कि ब्राह्मण को अन्दर लाया जाए। जब ब्राह्मण उनसे मिला तो विक्रम ने ...
Somil Shrivastava
why it was named KaamKandala, didn't get it, the story starts and ends without and twist and turn as if somebody tires to write a paragraph on something he heard long time back and now he doesn't remember completely.
shivendra nath tripathi
I like it...good and entertaining story
Sn Varma
कहानिया गप्प पर नही यथार्थ और वैज्ञानिक आधार पर होनी चाहिए ।बहुत झूठ फैलाया जा चुका है । कहानियाॅ सच से सम्बन्धित हो
Satish Kumar
अति सुंदर कहानी, महान राजा विक्रमादित्य
Manish Kabra
फ़र्ज़ी लेखक की फ़र्ज़ी कहानी ।। चुतिया साला ।।
Deepak SINGLA
बेबुनियाद कहानी
Naresh Kumar
Katha ke anusaar katha ka shirshak uchit nahi h
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