काजल

दीपेश जैरिया

काजल
(14)
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सारांश

तेरी आँखों का फैला काजल, ये साफ़ बयाँ करता है... इक दिल है तेरे सीने में, जो आज भी मुझपे मरता है..
Mohd Aman
beautiful and sexy
Sunny Kumar
बहुत ही सुंदर कविता है भाई
hindi@pratilipi.com
080 41710149
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