कहानी करुणेश की - भाग १

अतुल राय

कहानी करुणेश की - भाग १
(16)
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सारांश

सन्तोष पाण्डेय-अबे ओये करुणेश,सुन!जब भी शाम उदास होने लगे तो उस चौराहे की तरफ रुख करना जहाँ मित्रों की भिन्न भिन्न मंडलियों में उनकी अजीबोगरीब टिप्पणियों के सम्मिश्रण से माहौल खुशनुमा हो जाया करता है।
Somya Tripathi
NYC story स्टोरी
Manjula Chaturvedi
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Prateek Tiwari
bhaiya ye meri kahhani hai mtlb mere sath same aisa hua hai
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