कसम

Vandana Singh

कसम
(218)
पाठक संख्या − 12627
पढ़िए

सारांश

सुहाग सेज पर बैठी सिया अपने पति धीरज का इंतज़ार कर रही है , उसके दिल की धड़कन तेज़ है तभी धीरज कमरे में आता है और उसे एक गुलाब का फूल देकर कहता है “हैप्पी वैलेण्टाइन डे” इस फूल की तरह हमेशा मुस्कुराती
Dharmendra singh
ये प्रस्तुति कहानी के रूप में आती ही नहीं है ।कथानक कुछ है ही नही ।निराशा हुई ।
शयाम लाल
सुंदर प्रस्तुति ।संवेदनशील ।परिमार्जन के साथ प्रयास जारी रखें ।धन्यवाद ।
Mass Bhojpuriya
बहुत सुन्दर रचना
C.K Chandna
pyar aur Vishwas ke ek sachi kahani.kahaani ka Chitran bahut achha Laga.
रोहित कुमार
बेहतरीन कहानी। आशा और उम्मीद से भरी।। प्यार के अहसास से भरी
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.