कवि और क्रांतिकारी एक ही माटी के बने होते है

कवि रूपेश राठौड़

कवि और क्रांतिकारी एक ही माटी के बने होते है
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सारांश

Jai ho .....मित्रों मेरी ये रचना आपके लिए जो ये बताती है की कैसे कोई कवि हर पल, हर क्रिया में कैसे अपने आपको महसूस करता है ,ओर उसमें रचकर बसकर उसे जीता है ,ओर माँ भारती के सच्चे सपूत वीर भगत सिंह ने भी तो कहा है कि कवि और क्रांतिकारी एक ही माटी से बनते है ।।
शशि कुशवाहा
बहुत खूब
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कवि अवधराम गुरु
जबरदस्त
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सतीश पटेल
बहुत खूब
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comady ωιтн ναиѕн 2
absolutely wonderful
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Santosh Sharma
प्रगाढ चिंतन्युक्त मनोहर कविता
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प्रभात पटेल
अति सुंदर रचना साहब
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सौमिल गहलावत 'मुख़्तसर'
एक कवि का एकदम सटीक एवं सुंदर वर्णन !!
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Rekha Jangra
बहुत सुंदर। कवि की महिमा कवि ही जाने
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अंकिता सिंह
बहुत खूब
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Himanshu
beautifully described ♥
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