कल्युग की पांचाली

Uday Veer

कल्युग की पांचाली
(46)
पाठक संख्या − 3650
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सारांश

एक लाचार औरत की लाचारी और मजबूरी को बयां करती ये कहानी.....
Anandi Saksham
good story
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Alpa Mehta
बहेतरीन.. लेखन
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Vikas Yadav
Kya Aaj bhi aisa hi samaj hai toh Bahut hi galat hai
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kumar gourav
महाभारत के किरद़ार को लेकर आपने रचना गढ़ी।अद्भत कल्पना शक्ति।एक औरत के पाँच पति इसे और दिलचस्प बनाया जा सकता था।
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Ruchi Arora
bahut badiya kahani👍
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Rajneesh Rai
bahut hi marmik our sachi kahani hai ,ye kahani nahi hamare desh ka aina hai, hamare mahan desh ki ye sachai hai,
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Kavita Choudhary
wow nice story 👍👌
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Manisha Raghav
बहुत खूब
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brahammanandam
khubsurat rachna
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raghu
bahut hi sundar rachna hai
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