कल्पबृक्ष

गिरिजा शंकर मिश्रा

कल्पबृक्ष
(25)
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सारांश

कल्प बृक्ष वास्तव में है क्या ? --------------------------------------- हिन्दू धर्म सास्ञों में मनुष्य की मनोकामना पूरी करने के लिए एक गौ माता और दूसरा कल्प बृक्ष का वर्णन आता है । गौ माँता को ...
Atmaram Meghwanshi
वृक्ष वासुदेवाय नमः इसी लिये कहा है । क्योकी ये वृक्ष ही हमारे पालन हर है , ये जहाँ ज्याद है वहाँ अच्छी बरसात होती है जिससे पीने का शुध्द जल मिलता है , जल ही जीवन है जो वृक्षो पर आसरित है । जहाँ वृक्ष कम है या है ही नही वहाँ बरसात नही होती सारे प्राणी पानी को तरसते है । आज आधुनिकता की अंधी दौड़ मे विकास के नाम पर सारे वृक्ष काटे जा रहे है , वृक्ष के नाम पर सजावटी पौधे लगाकर ईति श्री करदी जाती है । हर तरफ काँक्रिट का जंगल खडा हो गया है जो गर्मी करता है इसलिये फंखे , एसी चलने के लिये ज्यादा बिजली चाहिये।हमसबका सारे प्राणियो का जीवन बचाना है तो अधिक से अधिक वृक्षा रोपण हो और उनका संरक्षण हो तकी वो पौधे विशाल वृक्ष बन सके और हमे शितल छाया और मीठे फल दे। और जो बडे पेड/ वृक्ष है उनको कटने से हर हाल मे बचाना चाहिये।आपने हर वृक्ष को कल्पतरू कहा जो बिलकुल सत्य है ।
Surabhi Singh
बहुत ही सार्थक लेख है ।
RK Yadav
Mahabharat me bhi is vriksha ke pushpa ka varnan Parijaat pushpa k naam se milta h jiska prayog Kunti apni Pooja me karti thi.
मधुलिका साहू
सुंदर चित्रण एवम् सम्बंधित कथाये भी भारतीय पौराणिक जानकारियाँ दे रहीहै
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RAJANI NAGAR
Bhut accha lga pdhkr
yagyanand priya
सार्थक शब्दो का विस्तार ।।बहूत खूब
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