कर्मवीर महाराणा प्रताप

गणेश शंकर विद्यार्थी

कर्मवीर महाराणा प्रताप
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Premsing Raul
maharana pratap ji ko vandan . swabhiman amar rahe
Praveen Kumrawat
Maharana Pratap ko hamara pranam🙏🙏🙏🙇
Neeraj Kumar
vir Mahan Yodha Karamvir Maharana Pratap ko shat shat naman..... Bhatar mata ki jay.
Rohit Ekchart
Maharana Pratap ki jai
सुहेल उस्मानी
बहुत ही अच्छा लेख लिखा आपने किन्तु आपने जो इस्लामी झंडे या इस्लामी सेना की बात लिखी है वह सही नहीं है 12 वी शताब्दी से पुर्व जब भारत पर मुस्लिम शासकों का शासन नहीं था तब राजपूत शासक आपस में ही एक दूसरे के राज्य को हड़पने के लिए लड़ा करते थे हर शासक यह चाहता था कि वो भारत का सम्राट बन जाए और चन्द्रगुप्त मौर्य विक्रमादित्य सम्राट अशोक जेसे ना जाने कितने ही राजाओं ने अन्य हिंदू शासक को हराकर ही अपना साम्राज्य का विस्तार करा था अब यदि अकबर का धर्म हटा दिया जाए तो वह भी अपने साम्राज्य का विस्तार करना चाहता था इसलिए ना तो उसका झंडा इस्लामी था न ही उसके सेनिक
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Sukriti Pihu
Article bhot acha hai... Lekin ek baat kehna chahenge Rana udaisingh ji bhage nhi the... I mean agar wo bhi apni ranbhumi mein shaheed hojate to mewar ko स्वतंत्रता dilane ka spna sirf sapna hi rehjata... Kyunki mewar ko bachane k liye mewar ke Rana ji ka jeena zarroori... Aur tbtk Maharana pratap gaddi par nhi bethe the... Isliye Ranaji hi ruler the.Agar wo bhi nhi rehte to aage kaise badhta mewar. Ye mugal चित्तौड़ ke saath saath pure mewar pr kbza jma lete.... Mewar ko bache k liye unka जीवित रहना अवश्यक था.
saurabh kashyap
aapki bhasa seli bahot achhi he
Rathore Singh
kitni ajeeb vidambna he ki hame school me bahari hamlavro ka itihas padhaya jata he hamare yaha ke sero ka nhi.......
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