कर्मभूमि

अग्रवाल श्रुत कीर्ति

कर्मभूमि
(60)
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सारांश

ताऊजी की चिठ्ठी पाकर अवाक् थी वह ... कि अपना सारा अतीत ही आँखों के सामने तैरने लगा । जिस संयुक्त परिवार में पैदा हुई, उसके कर्ता धर्ता यही ताऊजी थे । वो अपने माँ बाबा की इकलौती संतान थी, लाड़ली थी, ...
Sarita Sahni
चेहरे बदल जाते है मगर दर्द वही रहता है
Neelima Ghosh
अच्छी कहानी,सबक देती पलायन नहीं सामना करो
Reeta Bhayana
Kya smiksha yehi sab hota है
Manisha Raghav
बहुत अच्छी प्रेरणादायक कहानी पर कुछ अधूरी सी लगी ।
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