कर्मभूमि

मुंशी प्रेमचंद

कर्मभूमि
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सारांश

हिन्दी भाषा के महानतम साहित्यकारों में से एक, उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद द्वारा राष्ट्रवादी आन्दोलन की पृष्ठभूमि में लिखा यह उपन्यास बदलते दौर के सामाजिक इतिहास का जीवन्त चित्रण है।  हिन्दू-मुस्लिम एकता एवं इन दोनो ही समुदायों के साझा लक्ष्य; किसान, गरीब और दलित वर्ग का अपने अधिकारों के लिये अहिंसात्मक संघर्ष उपन्यास की मुख्य विषय-वस्तु है. आज के समय में भी ये उपन्यास इतना ही सामयिक एवं प्रसंगिक है जितना उस समय था, और यही बात इस उपन्यास को कालजयी बनाती है.
Durgesh Jaisalmer
अप्रतिम रचना ह्रदय को छू गई 🤗🤗😊
Manish Joshi J
बहोत ही सुंदर जीवन दर्शन
Rajnish Tiwari
अत्यंत चित्ताकर्षक।
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