करमजली

मधु श्रीवास्तव

करमजली
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सारांश

करीब 15 सालों बाद अचानक गोरखपुर जाने का अवसर मिला ...एक रिश्तेदार के यहाँ शादी में .मानसी दी से मिलने की सोच कर ही मन उल्लास से भर गया.कितने दिनों के बाद मिलूंगी उनसे पता नहीं अब कैसी दिखती हैं ,कैसी ...
sonisonam sharma
Insan Ko pahle Apne liye jina chahiy fir dusro ke liye...
Monisa Siddiqui
अच्छा लिखा है।
Tara Gupta
सकारात्मक सोच की प्रेरक रचना बहुत सुंदर।
Mahika Mahi
aurat hi sb kux hoti h apni dsha ki zimmedar bhi
नीरज कुमार
अत्यंत सुन्दर
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