कबूतर की घर वापिसी

Subhash Chander

कबूतर की घर वापिसी
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सारांश

यह रचना साम्प्रदायिकता के सवालों से निडरता से जूझने की कोशिश भर है। कबूतर के प्रतीक के माध्यम से धर्मपरिवर्तन जैसे ज्वलन्त मुद्दे को तटस्थ दृष्टि से देखने का प्रयास किया गया है।
j k singh
समसामयिक व्यंग।बहुत बढ़िया।
'N' The Alone Girl
aj ki sachhai ko kitne achhe se likha apne. wah
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