कटे पंखों की उड़ान

अनिता तोमर

कटे पंखों की उड़ान
(12)
पाठक संख्या − 22
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सारांश

हर व्यक्ति में कोई न कोई हुनर अवश्य होता है। अपने अंदर छुपे उस हुनर को पहचानो और हौसलों के पंख लगाकर आकांक्षारूपी आसमान में विचरण करो।
Asha Shukla
🌴🌺🌺🌴बेहद सशक्त रचना🌴🌺🌺🌴
Vijaykant Verma
बहुत सुंदर। जहां हौसला हो, वहां जीत सुनिश्चित है..💐💐
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SURYA RAWAT
बहुत बढिय़ा रचना " अनीता " जी , हिम्मत न हारना ही हौसले की उड़ान की परिभाषा है । आपको आपकी कृति को बधाई 😊
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Sagar Chandra
nice story nari per accha likha h apne
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aparna
बहुत प्यारी कहानी ,सही भी है,जब तक औरत अपना खुद का सम्मान नही करेगी ,अपने आप से प्यार नही करेगी ,तब तक कहीं से सम्मान नही मिलेगा।।।।happy ending 😊👌👌
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Priya
शानदार लेखन । आख़िरकार निशा जी ने अपने हौसलों का परिचय दे ही दिया था। अगर mam वक्त मिले तो आप मेरी रचना( वो सात दिन) पढ़कर बताएं।
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Rajendra Kumar Shastri 'guru'
इस कहानी को पढ़ने के दौरान मुझे निशा के पति और उसके ससुराल वालों पर गुस्सा आ रहा था कि आखिर एक बहु को सपने पूरे करने के लिए क्यों रोका जाता है। लेकिन कहते हैं न सपने आपको रात को सोने नहीं देते। निशा की उम्र बड़ी हो रही थी लेकिन सपनो की कोई उम्र नहीं होती । बस जरूरत होती है तो उन्हें सच करने के हिम्मत और निशा में वो सब था। कहानी पढ़कर बहुत अच्छा लगा। हम तो आपके इस हौसले की उड़ान प्रतियोगिता में कहीं नहीं टिकते। प्रतियोगिता जितने की एडवांस में बधाई।।💐💐💐
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