ऐसा सब के साथ होता है क्या

शुभम सिंह

ऐसा सब के साथ होता है क्या
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पाठक संख्या − 2254
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सारांश

विडम्बना देखिए पड़े-पड़े प्रतिलिपि पे टहल रहे थे ठण्ड के मौसम में बरसात का मज़ा ले रहे थे अचानक से फोन की घंटी बजी "सर" मै "फ्लिपकार्ट" से बोल रहा आप ने "महिंद्रा स्कार्पियो" ...
khushi Priyanka
वाह! क्या गज़ब शिक्षाप्रद हास्य है 🙂🙂
Nirmal G
सही हे कई बार फोन पर मेसेज आते हे आपने ये जीता हे वो जीता हे मै तो समझ जाती हू सब फ्रोड हे
गजेन्द्र भट्ट
हा हा हा हा... अच्छा टाइम पास रहा भाई शुभम!
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Payal Yadav
सच में बहुत होता है ऐसा हमारे साथ भी हुआ है 👍👍
मीरा परिहार
सच है,बहुत फ्राड है ,बच के रहना जरूरी है।यहाँ कुछ भी मुफ्त नहीं मिलता।सतर्कता जरूरी है।
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Rohit kumar Singh
बडा अच्छा हास्य लिखा भाई
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nishu vivek
ठीक ठाक‌है
Manju Pant
बहुत अच्छा लिखे हो .पढ कृर मन खुश हो गया ।☺️💐🎂
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