" एहसान करके मुझपे , कोई तो ये बताए - "

अरविन्द सिन्हा

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सारांश

एहसान करके मुझपे , कोई तो ये बताये ।          मेरे इस तड़पते दिल को , कैसे करार आये ।। एहसान करके मुझपे ---------                                       मैंने कहाँ - कहाँ ना , ढूँढा करार दिल का ...
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