एन आर आई

रश्मि

एन आर आई
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सारांश

साँझ ढलने से पहले काॅलोनी के पार्क की रौनक़ और चहलपहल अपनी चरम सीमा पर होती । सीमेंट के बने सभी बेंच खचाखच भर जाते ,उन पर तिल भर भी जगह बैठने को मिलनी मुश्किल हो जाती । अधिकतर बड़े बुज़ुर्ग बेंच पर ...
Kavita Chauhan
amazing story and heart touching too.
Rakesh Mathur
Non-required Indians.
Ashok Singhal
Contrary to hyped Term NRI, Most NRI themselves and their families back home have difficult life but carry on due to extra money for back home or more facilities overseas. As kids grow overseas, it become too difficult to return. In many places, host populations are too dominant so NRIs have to face indiscrimnation in schools, markets and Jobs.
Somnath Narang
बहुत अच्छी कहानी
मंजुबाला
मर्मस्पर्शी
Babu Gaikar
ह्रदय स्पर्शी
Ashish Dwivedi
बहुत ही मार्मिक रचना
Kamlesh Singh
दिल को छूने वाली कहानी
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