एक हथेली

अजय अवस्थी

एक हथेली
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सारांश

"जानते है पांडे जी गरीबी के साथ जब दरिद्रता आती है तब जीवन नर्क लगता है ,,,,' अपनी कटी हुई हथेली को देखते हुए राज ने कहा,, "पांडे जी, जब गावँ में हम चार भाई साथ साथ थे तब कुल एक बीघा जमीन की फसल से ...
babita Gupta
बेहतरीन रचना
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