एक सूखा गुलाब

अंकुर त्रिपाठी

एक सूखा गुलाब
(63)
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सारांश

स्नातक की परीक्षा का अंतिम दिन था , पेपर से एक दिन पहले ही परी ने मुझे सन्देश भेजा था ," अब हमारे और आपके रास्ते अलग है ! अब हम आपको नहीं किसी और को प्रेम करते है !!" सच बताऊँ , मुझे उसके लिखे हर ...
उमेश चन्द्र
the boy should wait for her.... I think he took wrong decision.. very nice story
Neha Jha
उम्दा लेखन कार्य...आपकी कहानी दिल छू गई👍...और जहां तक मुझे लगता है यह एक सच्ची कहानी है जिसे आपने शब्दों मे पिरोया है...☺️
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Ram Rajak
kuch bhi likg diya
Anamika suman
दिल को छू गया
Beena Awasthi
सुंदर और भावपूर्ण रचना। वास्तव में प्यार का कोई रुप नहीं है। कभी पाना प्यार है कभी त्यागना प्यार है।
Rakesh Prajapat
are you write bhai , pata nahi bhai ladkiya yesa kyun karti hai. Jinko ham Dilo Jaan Se Chahte Hain Jinke Liye Hum Sab kuch karte hain Phir Bhi Chod Ke Chali Jati. actually mere sath ho chuka h ye sab. thanks isliye kha h ki bite dino ki yade taja kardi aap ne😢😢
Reena Bhardwaj
suberbbb
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kajol agrawal
jruri to nhi jesa dikh rha ho wesa hi ho. ..kya pta us ldki ki koi majburi ho
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