एक सपने का सच होना

सुमन बाजपेयी

एक सपने का सच होना
(156)
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सारांश

उसने एक लंबी उसांस ली। नदी का शांत जल उसके चारों ओर फैला था। नदी का पानी भी कितनी तटस्थता से अपने कार्य का निर्वाह करता जाता है। अपने भीतर सारी गंदगी समेट कर अपने तट पर बैठे लोगों के जीवन की सुख-दुख ...
Nidhi Srivastava
Wow... Barso pehle ye kahani Maine ek patrika me pdhi thi.. Meri fvrt thi hmesha Se.. Aaj barso baad yaha padh k maza aa gya.. Love this story..
Deepak Ganguli
bahut. hi.aachi.kahani
भूपेन्द्र सिंह चौहान “राज़”
राजेश्वरी को जिया है मैंने राज़ बनकर! सच कहानी है। मेरी अपनी है आपके ख्यालों से कैसे उपजी,अचरज है और संयोग भी।
shivani
very good 👌👌👌
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