एक संकल्प अपराजिता सा

संसृति सुजाता

एक संकल्प अपराजिता सा
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सारांश

निवेदिता ने आज ऑफिस से ऑफ ले रखा था। सुबह की सैर के बाद अपनी बालकनी में सूरज की किरणों का स्पर्श पाते ही उसका मन हर्षित हो उठा। सुबह सुबह सूर्योदय की लालिमा और फिर उसका दिव्य प्रकाश मन को आह्लादित कर ...
Savita Ojha
बेहतरीन कहानी
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